Thursday, August 18, 2011

स्केच / गुलज़ार


याद है एक दिन
मेरी मेज पे बैठे बैठे
सिगरेट की डिबिया पर तुमने
छोटे से एक पौधे का
एक स्केचबनाया था
आकर देखो
उस पौधे पर फूल आया है !

(गुलज़ार के जन्मदिन पर उन्हीं की एक 
नज़्म)